सारण, 15 मई।
जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय कक्ष में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के अंतर्गत द्वितीय अपील से जुड़े मामलों की विस्तृत सुनवाई करते हुए विभिन्न प्रकरणों की गहन समीक्षा की।
इस सुनवाई के दौरान कुल 17 मामलों को क्रमवार विचाराधीन रखा गया, जिनमें से 08 मामलों पर अंतिम आदेश पारित कर मौके पर ही उनका निस्तारण कर दिया गया, जिससे संबंधित शिकायतकर्ताओं को तत्काल राहत प्राप्त हुई।
शेष 09 मामलों में संबंधित लोक प्राधिकारियों को आगामी तिथि पर पूर्ण प्रतिवेदन के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के कड़े निर्देश दिए गए, ताकि मामलों का समयबद्ध और स्पष्ट समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन की समस्याओं के प्रति अधिक सजग, संवेदनशील और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाएं तथा लोक शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोक प्राधिकारियों को अपने कार्यों में पूर्ण तत्परता बनाए रखनी होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।















