लखनऊ, 09 अप्रैल।
विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर गुरूवार को जन भवन के गांधी सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में नवकार महामंत्र को आध्यात्मिक जागृति, अहिंसा और आस्था का मूल स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि यह महामंत्र जैन धर्म की महान परंपरा का प्रतीक है और यह मानव जीवन में शांति, संयम, करुणा और सद्भाव का संदेश फैलाता है।
उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहाँ किसी भी आयोजन में सम्पूर्ण मानवता और सभी का कल्याण सुनिश्चित करने की प्रथा है। उन्होंने जैन, बौद्ध और सिख परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि सभी ने हमेशा सबके कल्याण की कामना की है। उन्होंने जोर दिया कि आज जब विश्व तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों से जूझ रहा है, तब भारत में शांति और समरसता के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य यही है कि गरीब भी समृद्ध हों और अभावग्रस्तों की समस्याओं का समाधान हो। उन्होंने कहा कि धैर्य और संयम के साथ भारत आगे बढ़ रहा है और इसे नरेन्द्र मोदी जैसे सक्षम नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त है। उन्होंने अयोध्या में रामलला के जन्मस्थान पर निर्मित भव्य राम मंदिर और 370 अनुच्छेद हटाने जैसी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कायर नहीं है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह वीरेन्द्र जायसवाल, प्रान्त प्रचारक कौशल, पूर्व मंत्री डा. महेन्द्र सिंह, प्रदीप जैन, अनीता जैन, संजीव जैन, पवन जैन, अमिता जैन और रिषभ जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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