सीवान, 10 अप्रैल 2026।
सिवान सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को पूरे न्यायिक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ईमेल के जरिए मिली इस सूचना ने प्रशासनिक महकमे को सतर्क कर दिया, जिसके बाद कुछ ही समय में पूरा परिसर सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
धमकी भरा संदेश प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ था, जिसमें सुबह 11:30 बजे कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात लिखी गई थी, जिसके बाद तुरंत उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही एसपी पूरन कुमार झा और डीएम विवेक रंजन मैत्रेय सक्रिय हो गए और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट करते हुए पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई।
इसके बाद बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कोर्ट परिसर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली गई, साथ ही आने-जाने वाले सभी लोगों की सख्त जांच की गई तथा पूरे इलाके को उच्च सुरक्षा पर रखा गया।

कई घंटों तक चली जांच के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर यह स्पष्ट हो गया कि मिली धमकी पूरी तरह फर्जी थी, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इससे पहले भी 28 जनवरी को इसी प्रकार ईमेल के माध्यम से कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई थी, लेकिन उस समय भी जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी, जिससे लगातार मिल रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की साइबर जांच शुरू कर दी गई है और धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान की कोशिश की जा रही है, वहीं न्यायाधीश ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
लगातार मिल रही फर्जी धमकियों के कारण यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन न्यायिक व्यवस्था को निशाना बनाकर भय का माहौल पैदा करना चाहता है, जबकि पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है।






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