नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शहर में मंदिरों और अस्पतालों में महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह की सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़ी गई महिला की पहचान बवाना निवासी पारो (38) के रूप में हुई है, जो वर्ष 2023 से फरार चल रही थी और अदालत द्वारा दो मामलों में भगोड़ी घोषित की जा चुकी थी।
क्राइम ब्रांच के अनुसार यह गिरोह खासकर अस्पतालों और मंदिर परिसरों में अकेली या असहाय महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। शहर के विभिन्न इलाकों में सामने आए मामलों में एक जैसा तरीका अपनाए जाने के बाद इस पूरे नेटवर्क के खुलासे की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की मध्य रेंज टीम ने लगभग एक माह में करीब 50 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें अस्पताल और मंदिर परिसर शामिल थे। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर नौ अप्रैल को बवाना क्षेत्र से पारो को गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह सामने आया कि आरोपित अपने साथियों के साथ मिलकर पहले अकेली या परेशान दिखने वाली महिलाओं को चिन्हित करती थी, फिर उनसे बातचीत कर मदद या सहानुभूति का दिखावा करती थी। बातचीत के दौरान मानसिक भ्रम और डर पैदा कर उनका विश्वास जीत लिया जाता था और फिर मौका मिलते ही सोने के गहने व कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थी।
पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल को एलएनजेपी अस्पताल में भी इसी तरीके से एक महिला के गहने ठगे गए थे। जांच में पारो का नाम आईपी एस्टेट और मंदिर मार्ग थाना क्षेत्रों के तीन मामलों में सामने आया है। वह 2023 से फरार थी और 9 नवंबर 2023 को तीस हजारी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह आठवीं तक पढ़ी है और झुग्गी में रहती है, उसकी शादी 2012 में हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं, तथा पति के शराबी होने और आर्थिक तंगी के कारण वह अपराध की दुनिया में उतरकर इस गिरोह की सरगना बन गई।







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